Tuesday, September 21, 2010

आज के रावण




















त्रेता युग में राम थे ,रावण था , और आज कलियुग में भी रावण है ,और राम भी शायद कही होगे ही ,परन्तु समस्या यह है ,की राम वही के वही है , क्यों की उनकी जरुरत थी और है ,परन्तु रावण जहा था ,वहा से अपने आप को काफी विकसित कर चूका है ,क्यों की उसकी जरुरत नहीं है ,और जाहिर है ,कलियुग में उसका विकाश अच्छाई के प्रति कही नहीं है ,उसके आस पास भी नहीं है ,पहले रावण तपस्या करते समय अपना सर उड़ा कर ब्रम्हा को अर्पित कर ता था ,पर आज का रावण अपना नहीं समाज से अच्छाई का ही सर उडाना चाहता है ,अपने साथ ले कर मरता है , अपने स्वार्थ के लिए .............

पहले का रावण नाग वंशी था ,पर आज का रावण इच्छाधारी है ,बच्चो तक को रूप बदल कर भयंकर विष दे देता है ,.....

पहले का रावण शिव को अपने यहाँ स्थापित करने में असफल रहा ,पर आज का रावण स्वयं शिव बनना चाहता है .........

रावण विद्वान था ,लोग कहते है ,पर रावण के पैर में भी विष और साप ही मिलता है ,......वो भी पुराने रावण से कही बढ़कर ....आज का रावण कुचक्र रचता है ,एक्सिडेंट करवाता है ,,,,

पहले का रावण उड़ने वाला विमान पुष्पक चलता था ,पर आज का रावण बुरे आदमियों को चलता है ....अपने राक्षाशी दल को तुरंत पहचान जाता है ....

पहले का रावण अपने दस सर रखता और अपने ऊपर विस्वास करता ,पर आज का रावण अपने दस लोगो को दस सर देकर विश्वास रखता ... करता है .....और एक साथ दस जगह होता है ...

पहले का रावण ताड़का, सुरसा ,त्रिजटा ,डंकिनी , ,आदि राक्सनियो पर कुछ ज्यादा ही भरोसा करता और उन्हें नचाता रहता था ,पर आज का रावण पर इस्त्रियो को भी नहीं छोड़ता विस्वास वही पुराना है ........

पहले का रावण तो माता सीता का अपहरण किया था पर आज का रावण छोटी बच्चियों तक को नहीं छोड़ता उनका दुष्कर्म ...बलात्कार कर देता है ,...गन्दी नजर रखता है ,उनकी फिल्म बना लेता है ...ब्लैक मेल करता है ,....और भारी भी कर देता है ...गन्दगी में अत्याचारियों को भी सरम आ जाये .....जानवरों तक को तडपा कर मारता है ...

पहले का रावण अपने भाई कुबेर का लंका हड़पता है ,पर आज का रावण पुरे समाज देश को ही हड़पने को तत्पर rहै .....पहले का रावण मारीच ,कुम्भकरण ,अहिरावन ,कालनेमि को नचाता था ....पर आज का अन्य , , तमाम लोग को नचाता है .......

पहले का रावण हनुमान जी की पूंछ में आग लगाता था ,पर आज का रावण एड्स का इंजेक्सन लगाता है ......कारन वही दरंदिगी वही ....जलील करना

पहले का रावण कम दिखता था ,पर आज का रावण दिखता ही नहीं है .....

आज के रावण का मानना है ,की दुनिया में सेक्स से अच्छा कुछ नहीं .....इस पर पोल हो तो सही रिजल्ट आये ....

आज के रावण से गिरगिट भी सरमा जाता है ...वह भी उसके जितना रंग नहीं बदल सकता ...

पहले का रावण सनी देव को उल्टा लटका कर रखता था पर आज का रावण सीधे आँख फोड़ने को कहता है ....

भारत में कही रावण की पूजा भी होती है ,मै जानना चाहता हु क्यों ?? आप भी जावो और जानो.....

हमें आज के रावण की कत्तई जरुरत नहीं है , क्यों की श्री राम वही के वही त्रेता युग वाले है ,वो भी बिना अपने बानरी सेना के और रावण अपनी सेना को और बड़ा बना कर रक्त बीज की तरह हर जगह है ,और श्री राम से बहुत बहुत आगे आ चुका है ,...आज श्री राम भी इशे नहीं मार सकते क्यों की पहले वह श्री राम से उम्र में बड़ा था , पर आज कही मेघनाथ के दंभ पर चरम पर है ,,......राम की जरुरत थी इसलिए वे वही के वही है ....पर रावण उपेक्षित था , इसलिए ये बहुत बहुत विकाश कर चुका है .....

और पाप की चरमता को पार कर रहा है ......


रावण के लिए ....

चलता समय बढ़ता पाप ....

जिंदगी बन गयी एक अभिशाप ...

किस्मत पर भरोसा नहीं अपने आप ....

खुद पर बस नहीं चला तो गाया प्रभु का जाप .....


लेखक ;- राम की खोज में .....












3 comments:

  1. रावण ने जितना दुष्टता में खुद को विकसित कीया है आज का राम उतना ही कमजोर हो गया है |

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  2. लंकापती के बरे मै हम सब बुरा हि सोचते रहेंगे लेकीन लंकापती रावण एक सच्चे शिव भक्त थे, वे स्वयं इंजिनेर थे जीनोने सोने के लंका बनाई थी इतनाहे नी उनके जैसा भाग्यशाली और कोई नाही स्वयं प्रभू राम जी के हाथो उनको मोक्ष मिला ,शिव तांडव स्तोत्र के वे रचिता थे, वे खुद अपना विमान बनते थे, स्वयं शिवजी ने कहा हीन रावण जैसा भक्त और कोईना होवे | रावण थे संपूर्ण युग को सिख देने आब सिर्फ उनकी कहाणी या बची हे|

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