Tuesday, June 28, 2011

कितने गहरे हलके ....(संगीत )

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Kuch Na Kaho - Male - 1942 A Love Story

धीर -अधीर



भीसन गर्मी पड रही थी ,ताल ,तलैये दलदल बनते जा रहे थे ,गर्मी चरम पर थी इसका सबूत यहाँ -वहा जहा कही चोंच बाये पक्षी दिख जाते थे ,| इसी क्रम में एक तालाब भी सुख गया तथा उसमे रहने वाले मेढ़को का झुण्ड गर्मी से व्याकुल हो उठा ,उन्हें पानी की तलाश थी , उन्होंने अपनी की खोज सुरु की तो एक कुवा मिला सभी गर्मी से व्याकुल थे ,कुवे के पानी में कूद पड़े ,जब उन्हें ठंडक मिली राहत मिली तो बाहर निकलना चाहा पर यह संभव नहीं था ,|वे कुवे के सीमित दायरे में कैद हो चुके थे ,व्याकुल अधीर मेढक कुवे की दीवार से चिपक कर छलांग मारकर निकलना चाहते पर उचाई ज्यादा थी ,इसी क्रम में उचाई से गिरने से ,श्रम ,से और थकान से कई मारे गये, पर एक अनुभवी मेढक कहता हमें अपने सब्र से काम लेना होगा ,धीरज रखना होगा ,वैसे भी ये जगह इतनी ख़राब भी नहीं वह मेढक के साथी कुवे में रहते परन्तु अधीर बार -बार प्रयास में मारे गये , |
एक समय आया बूंदों ने मिट्टी की सोधी महक का आगाज किया ,मेढक खुशी से झूम उठे झमाझम घनघोर बरसात के साथ कुवा पानी से भर गया ,बस एक छलांग सभी धीर मेढक आज़ाद थे ,दुनिया जीत लेने के लिए और सब्र के मीठे फल का गुणगान करने के लिए तब से आज तक पहली बरसात का जश्न ये मेढक टर्रा कर आज भी स्वागत करते है ,| वैसे आज के समय में बरसात में ज्यादा दिन के बाद निकलने पर भोजन के चक्कर में सड़को पर मारे जाते है ,कुछ कई प्रकार के मेढक बहुत जहरीले होते है , ये सापो के प्रिय भोजन होते है ,पर जहरीले मेढ़को को ये छूते तक नहीं , इनकी त्वचा जहरीली होती है ,ये जहरीले मेढक भारत में कम होते है ,विज्ञानं इन्हें उभयचर कहता है ,| यहाँ मै बता दू मेरा दूसरा justice ब्लॉग हैक हो गया था ,सायद हैकर नाम बदलने की कोसिस कर रहा था ,नेट पर has been removed आया तो मेरी हवा ही निकल गयी ,किसी तरह मैंने अपने ब्लॉग को वापस पाया , मैंने एंटी virous से चेक किया तो एक html मिला जो hacker का था , वैसे मै बता दू , कई विशेष वेबसाइट हैक हो चुकी है , वर्तमान में एक टीवी दिखाने वाली वेबसाइट का प्रमाण है ,| मै हिंदी hacker से अनुरोध करुगा की यदि मेरे blogsite को यदि वो हैक करे तो कृपया मेरे लिखे पोस्ट को न मिटाए , | नेट पर कार्य करने के वाले एक दमदार anti virous जरूर रखे ,ज्यादा पैसा न उडाये ,वर्तमान को ध्यान रखे ,सलाह ले |और हां मैंने एंटी कॉपी सेट किया है , फिर भी आप मेरा लिखा कॉपी करना चाहते है , तो एक सॉफ्टवेर आता है , जो सब पर केवल कॉपी करने को ही होता है ,यदि आप फिर भी कॉपी नहीं कर पा रहे तो मुझे कमेन्ट लिखे , मै आप के सम्मान में तुरंत उसे हटा कर सबके लिए anticopy हटा दुगा ,|
अब ऊपर वाला गाना आप पाठको के लिए ...
लेखक ;- बरसाती बादल ..........रविकांत यादव एम् कॉम 2012

Saturday, June 18, 2011

तुम्हे देखे मेरी आँखे ....संगीत

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विश्वास





एक पंडित जी बड़े स्वार्थी थे ,पर बाद में धार्मिक हो गए भजन कीर्तन करना ,भक्ति गीत बजाते रहते थे ,| पेट के लिए पूजा पाठ में भी भागेदारी करते ,पूजा पाठ भी करवाते ,कुछ धन मिल जाता , वह स्वयं सदैव पूजा पाठ करते ,चन्दन लगाते ,|
तीर्थ करते धीरे -धीरे पंडित जी बड़े प्रसिद्ध हो गए ,पंडित जी सदा अपने घर पर भक्ति -भजन के गीत बजाते रहते , पडोसी -मोहल्ले वाले पंडित जी कि बड़ी सराहना करते ,उन्हें बहुत बड़ा भक्त ,भजन कीर्तन करने वाला मानते ,|
लोगो की धारणा थी ,पंडित जी तो रथ से स्वर्ग जायेगे ,अंत समय आया यमदूत आये और जनता के चेहरे पर चमक आ गयी परन्तु वे पंडित जी को छोड़कर उनके बाजे को जिससे वो धार्मिक ,ज्ञान वाले संगीत बजाते रहते थे ,उसे लेकर चले गये,जनता यह सब देख रही थी ,उनका विश्वास गलत हो गया था ,उनके चेहरे मुरझा गये थे ,और वे निराशा में भारी कदमो से वापस जाने लगे तभी यमदूत का रथ पुनः आसमान से धुंध और चमक के साथ वापस आता है ,इस बार पंडित जी को रथ पर बैठा स्वर्ग ले गये ,देखने वाली जनता के चेहरे खिल उठे ,आख़िरकार उनका विश्वास सत्य जो हो गया था , |
ये रही कहानी मैंने भी एक सामाज सेवा संगठन का नाम ,नियम ,सिद्धांत बना रखा है , जिस दिन कॉपी राईट ,registard होगी i card , सिद्धांत ,लोगो ,पुरा डिजाईन , छपेगा, पुरे जगह सच्चे -अच्छे लोगो में बितरित होगा ,ये सभी लोगो के लिए नहीं होगा ,चाहे अपने को कोई कितना ही बड़ा क्यों न हो , शर्ते आवश्यक होगी , |
अब ऊपर वाला संगीत इसी विश्वास के लिए ........
लेखक ;- विश्वासी ....रविकांत यादव एम् .कॉम । २०१०

Monday, June 13, 2011

u.p. wala .....(song )

तीसरी आँख





आज जहा कही भी भ्रस्टाचार ,तानाशाही ,शोसन ,कर्तव्यहीनता , ये चार शब्द सुनने में आसान

है ,| पर ये एक दरवाजा है ,|इसलिए देश की तीसरी आँख आप पत्रकार मीडिया है ,इनकी धज्जिया उड़ा दे ,सत्य लिखो दिखावो ,और वज्र पात कर दो , एक लेखक होना सृजनात्मकता है ,| दया ,विनय ,सम्मान ,कर्तव्य ही कर्म होना चाहिए ,जल प्रवाह प्रत्यक्ष की अपेक्षा परोक्ष से आसानी से रूक जाती है ,लेकिन भ्रस्टाचार ,तस्करी ,अपराध , आगे -आगे और c.b.i। , c.i.d। आयकर विभाग ,कस्टम , वाले पीछे -पीछे जबकि इन्हें आगे होना होगा ,रोते कलपते , गुमनाम प्रताड़ित ,बलात्कार ,को न्याय मिले रक्षा हो ,रक्षक भी भक्षक बन जाते है ,|
विचार ,परिस्थितया,समझ ,और चिंतन से उत्पन्न होते है ,ग्राही प्यासे होते है ,जहा सभी पढ़े लिखे होते है ,वहा मशीनये मजदूर बन जाती है ,हर थाने पर मानवाधिकार वाले हो , कैमरा लगे , हर सप्ताह एक मौत थाने में होती है , हमारे वाराणसी में एक अपराधी को पीट -पीट कर मार डाला गया , मुझे सड़क पर अनायास मारा गया ताकि ये घर जाय और मर जाय बी , एच , यू , के लोग थे , मेरी दर्द की मै ही जनता हु , प्लानिंग तो इतनी बुरी मौत की थी पर वे असफल रहे , जैसे जानवर को मार कर सब कुछ निकाल देना , हा मै चालाक हु , तो तुम्हारी क्यों सुलग रही है , वर्दी बाप की है ,दुश्मनी निकलने के लिए , कुछ पोलिस वाले ही बचाए भी ,
सरकार हर दिवस जो विशेष उद्देस्य और मकसद के लिए आते है ,जैसे पर्यावरण ,शांति , शिक्षक ,बाल दिवस आदि पर विशेष समाज हितकर सक्त और सार्थक करे , श्रम विभाग रोजगार दे सभी असिक्षितो को ,
नगरो के इतिहास को आधुनिकता का संपर्क दे , अगर नहीं तो भारत सरकार पर्यटन विभाग को बड़ा करे ,guido की भर्ती करे ,घुमने के शौक़ीन देसी -विदेसी को सुरक्षा और सुविधा दे , भले ही उसके लिए अतिरिक्त पैसा ले ,
याद रहे जो हम है कही कोई उससे भी ज्यादा मजबूर जरूरतमंद और छोटा है ,तो जहा रहो खुश रहो ,| अहम् त्यागो ,अहमी छोटे होते है ,नेक इरादे से किया गया कार्य वरदान बन जाता है ,
aap patrakaar bhaiwo ke liye ...
akhbaar ,patrika aur samachaar ...
desh ke chintak aap patrakaar ...
jano kya chal raha ish sansaar ...
kaisi chaal chal rahi ye sarkar
desh ke prahari aap patrakaar ...

here is above dedicated song for you all journalist (media)
saluting for all state .....listen and enjoy

writer ;- praising ....ravikant yadav m .com 2010